बेशक मै तुझमे शामिल नही
मुझसे दुर रहकर तुझे भी कुछ होगा हासिल नही
यकिन है मुझे भी अपने से ज्यादा तुझपे
उमर नही गुजारी हमने युही तेरे पनाहो मे
जो जिद्द कर ही ली तो कर के देख लो
आइने मे मुझे देख सवाल न करना
मेरे न होने पे एतेराज न करना
जो फैसला तुमने लिया है उसपे कभी अफ़सोस न करना
मै न रहुगी ना ये पल
तो तन्हाइ मै खुद को अकेला न कर लेना
मुझे तो आदत सी हो गयी तुम तो नये हो अभी आवाज सुनसान राहो मे ना देना
कोई न होगा तुम्हारी सिस्कियो के अलावा
लौटना भी ना तुम्हे शायद मुमकिन होगा
समेट रही खुद का आशिया तो
आज वो फ़िर पुराना बसेरा याद आ रहा
तुम्हे दुआ करूगी न मिले ये विराने
जिसमे हम अपनी खुशिया सजाने है चले
तुमसे मिलके जो हमने खोया काश वो तुम हमे लौटा देते
Hi!Friends i am writing myself...This is my first blog and sharing with you my feelings... Hope you'll like it..!i!i!__N@IN@__!i!i!
शनिवार, 13 दिसंबर 2014
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