तुम भुल जाओ तेरा दिल जो अगर चाहे
हम तुम्हे भुला दे कोई पल न आये
हुई गलतफहमी मे जो उसकी सजा न दे
तुझपे जो लुटाया कभी ये भी याद कर ले
गुनाहो की तकलीफ़ मुझे ज्यादा तुझसे
तेरे नम आंखो से पहले हम मर जाये
अगर तू इसे मेरे लिये भिगांये
कैसे बताउ तुझे तेरे हर तकलीफ़ से पहले गुजरना हम चाहे
कुछ समझाना चाहुं तुझे तो इतना समझ ले
तेरे लिये तो हम खुद को भी दुनिया से मिटा ले
Hi!Friends i am writing myself...This is my first blog and sharing with you my feelings... Hope you'll like it..!i!i!__N@IN@__!i!i!
रविवार, 21 दिसंबर 2014
भूल
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